हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामी गणतंत्र ईरान की पार्लीयामेंट (मजलिस ए शूरा ए इस्लामी) के स्पीकर मुहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ़ ने कहा कि इस हस्सास अवसर पर दुशमन के षडयंत्रो से अवगत रहना ज़रूरी है।
उनका कहना था कि 12 दिव्सीय थोपे गुए युद्ध मे दुशमन को मुह की खाना पड़ी, दुशमन ने पराजय स्वीकार भी की और युद्ध विराम का आग्रह करने पर विवश हुआ। यह अल्लाह के फ़ज़्ल और करम और ईरानी जनता की एकता और यकजहती का परिणाम था कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने पूरी ताकत के साथ फ़ौजी आक्रमकता का सफलता के साथ मुकाबला किया। यह हमारी जनता की एतिहासिक जागरूकता की निशानी है।
मुहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ़ ने कहा कि लेकिन दुशमन अपनी हरकतो से बाज़ नही आया और उसने अंदर से आतंकवादी युद्ध शुरू कर दिया। उसकी योजना थी कि अगर वह सैनिक कार्रवाई मे सफ़ल हो गया तो आंतरिक रुप से ऐसा ही करेगा लेकिन जब उसे सैनिक कार्रवाई मे पराजय हुई तो उसने थोड़ा अंतराल से इस युद्ध की शुरूआत की जनता की जायज़ मांगो से ग़लत लाभ उठाते हुए आतंकवादी युद्ध का चरण शुरू कर दिया।
उन्होने यकीन दिलाया कि देश की आर्थिक स्थिति और विदेशी करंसी जैसे मुद्दो को कंट्रोल कर लिया जाएगा और जनता की खरीदारी की ताक़त मे भी वृद्धि होगी।
ईरान के स्पीकर ने कहा कि ट्रम्प के सलाहकार ने ग़लत सलाह देते है और वह ईरानी जनता के बारे मे सटीक अनुमान लगाने मे असक्षम है।
ईरानी पार्लीयामेंट के स्पीकर ने कहा कि आज हम चारो महाज़ो पर युद्ध की स्थिति मे है, आर्थिक युद्ध, इल्मी युद्ध, सैनिक युद्ध और इजराइली सरकार और अमेरिका की आतंकवादी के खिलाफ़ युद्ध।
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